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सेहत

दांतों का पीलापन दूर करने का रामबाण घरेलु नुक्खा

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हेल्थ डेस्क। दाँत हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमें स्वादिष्ट और अच्छा भोजन करने के लिए मजबूत दाँतो की जरुरत हमेशा होती है, और साथ ही एक मनमोहक हँसी के लिए भी चमकदार दाँतो का होना जरुरी है।
सफेद मोतियो से दाँत हर किसी को अच्छे लगते है। लेकिन यदि आपके दाँत अच्छे नहीं है तो आपकी सुन्दरता कम ही आँकी जाती है। यु तो उम्र बढ़ने के कारण दाँतो का रंग अपने आप कम होने लगता है लेकिन इसके अलावा खाने पीने की कुछ चीज़े और उनकी ठीक से सफाई न होने के कारण भी इन पर पीला पन आ जाता है….

सिर्फ सामान्य ब्रश करके इस पीलेपन को कम नहीं किया जा सकता है। वैसे तो बाजार में इसके लिए कई प्रोडक्ट्स या तरीके उपलब्द्ध है। लेकिन जब हम घर पर इसे ठीक कर सकते है तो बेवजह से पैसे बहाने का क्या फायदा। यदि हम घरेलु नुस्को से इसे ठीक करते है तो ना ही हमें व्यर्थ पैसा बहाना पड़ेगा और न ही किसी तरह के साइड इफेक्ट्स का खतरा होगा।

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पिले दाँतो से निजात पाने के लिए आप नीम्बू के रस में थोड़ा सा बेकिंग सोडा मिलाकर पेस्ट बनाए और उसे अपने दांतों पर ब्रश करे। इससे आपके दाँतो की गंदगी और पीलापन दूर हो जायेंगे साथ ही दाँत चमकने भी लगेंगे।

नीबू सबसे फ़ायदेमंद-

जिस तरह सफ़ेद शर्ट में सब्जी या तेल के दाग लग जाते है उसी तरह हमारे दाँतो में भी खाना खाने या कोई चीज खाने से धीरे धीरे दाग लगना शुरू हो जाते है। इन दागो को ही पीलापन कहते है और यह उम्र के साथ दिन प्रतिदिन गहरे होते जाते है।

इस समस्या से बचने के लिए रोज सुबह और रात को सोने से पहले अच्छी तरह ब्रश करके मुह में पानी भरकर मुह की अच्छे से सफाई करना चाहिये। इसके अतरिक्त यदि आपके दान्त पीले हो चुके है तो नीबू की मदद से आप उन्हें वापिस ठीक कर सकते है। नीबू में भरपूर मात्रा में विटामिन सी होता है जो दाँतो के स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। दाँतो की सफाई के लिए इसका सेवन लाभप्रद है। आप विटामिन सी से भरपूर अन्य आहार जैसे तरबूज, सन्तरे आदि की भी मदद ले सकते है।

दांतों का पीलापन हटाने के लिए उपाय-

लकड़ी के कोयले से दांतों का पीलापन दूर करें लकड़ी के कोयले को पीसकर बारीक कर लें ऐसा करने से कुछ ही दिनों में आपके दांतो का पीलापन चला जाता है और यह बहुत ही कारगर घरेलू नुस्खा है और मेरा खुद का आजमाया हुआ भी है।



दांतों का पीलापन दूर करने के लिए एक प्राकृतिक उपाय यह भी है, फल और सब्जियों का सेवन करें मेरा कहने का मतलब यह है जब हम ककड़ी, गाजर, सेब या और अन्य तरह के मौसमी फल खाते हैं इन हरी सब्जियों में और फलों में नेचुरल एसिड होता है जब आप उसको खाते हैं तो वह दातों से रगड़ते हुए जाता है और इस तरह से भी आपके दांत प्राकृतिक रूप से सफेद हो जाते हैं।

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सेहत

हर बड़ी बीमारी की दवा है ये खास ‘फल’, नाम में ही छिपा है सारा रहस्य

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हेल्थ टिप्स। फल खाने से शरीर को कई सारे विटामिन्स और मिनरल्स मिलते हैं लेकिन आज हम आपको एक ऐसे फल के बारे में बताने जा रहे हैं जिसका रोजाना सेवन करने से आपके शरीर को पांच तरह के फायदे हो सकते हैं साथ ही आपके शरीर को निरोग बना देगा। इस फल के सेवन करने से हमारे शरीर को विभिन्न प्रकार के फायदे होते है जो हमरे दैनिक जीवन के लिए खास होता है तो आइये जानते है विस्तार से

हर बड़ी बीमारी की दवा है ये खास ‘फल’, नाम में ही छिपा है सारा रहस्य

हाई ब्लड प्रेशर:- पैशन फ्रूट में अधिक मात्रा में पोटेशियम होता है लेकिन सोडियम नहीं होता जिसकी वजह से ये फल हाई बल्ड प्रेशर होने से बचाता है। इस लिए इस फल के सेवन प्रतिदिन करना चाहिए।Passion-fruit-health-benefits-and-side-effects-hindi

आंखों को रखता है स्वस्थ:- इस फल के सेवन करने से इसमें विटामिन ए और सी होता है जो आखों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। साथ ही हमारे हमारे शरीर को निरोग रखता है।



हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मददगार:- पैशन फ्रूट में आयरन और विटामिन सी की अधिक मात्रा होती है जो हीमोग्लोबिन बढ़ाने में सहायता करता है। इस फल के सेवन करने से हमारे शरीर के रक्त में बढ़ोत्तरी होता है साथ ही शारीरिक और मानसिक स्थिति सही रहता है।

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पाचन तंत्र को बनाता है बेहतर:- इसमें फाइबर मौजूद होता है जिससे पाचन तंत्र को बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिलती है।

कोलेस्ट्रॉल को करता है नियंत्रित:- फाइवर कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने का काम करता है। आपको बता दें कि पैशन फ्रूट चार तरह का होता है पीला, लाल, बैंगनी और हरा। ये फल जूसी होता है और इसमें बहुत सारे बीज होते हैं।

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सेहत

क्या मच्छरों से भी फैल सकता है एचआईवी, जानिए सच्चाई

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हेल्थ डेस्क। आप सभी ने एचआईवी के बारे में जरूर सुना होगा। यह एक वायरस है, जिसकी वजह से एड्स् नामक लाईलाज रोग उत्पन्न होता है। यह रोग मुख्य रूप से असुरक्षित योन संबंध बनाने से उत्पन्न होता है। यह दूषित रक्त, सुई के माध्यम से फैलता है। ऐसे में बहुत से लोगों में इस बात को लेकर असमंजस बनी रहती है कि क्या रक्त चूसने वाले मच्छरों के माध्यम से भी यह रोग फैल सकता है अथवा नहीं?आज के इस महत्वपूर्ण आर्टिकल में हम इसी तथ्य को उजागर करने वाले हैं तो आइये जानते है विस्तार से………

मच्छरों से भी फैल सकता है एचआईवी, जानिए

जैसा की आप जान गए हैं कि एडस, एचआईवी से प्रभावित रक्त के माध्यम से भी फैल सकता है। ऐसे में आप में से बहुत से लोगों के मन में यह सवाल उठता होगा कि मच्छर भी तो रक्त का आदान प्रदान करते हैं, तो क्या उनके माध्यम से भी यह फैल सकता है?Mosquito-se-fail-skata-hai-hiv-aids-hindi-health-gyan

आपके इस सवाल का जवाब है, नहीं। एचआईवी एड्स् मच्छरों के माध्यम से नहीं फैल सकता। इसके पीछे मुख्यत तीन कारण जिम्मेदार हैं, जो कि निम्नलिखित हैं-

इसका पहला कारण यह है कि मच्छर जब एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति को काटते हैं तो एचआईवी वायरस उसके अंदर जाता जरूर है, लेकिन मच्छरों की सुईनुमा चोंच, जिसे स्नाउट कहते हैं, के माध्यम से अंदर जाने पर ये वायरस डाइजेस्ट हो जाते हैं।



इसके पीछे दूसरा कारण यह है कि मच्छर जब ऐसे व्यक्ति का रक्त चूसते हैं तो रक्त की उस मात्रा में एचआईवी वायरस का इंटेक इतना कम होता है कि वह नया एड्स रोग डेवलप करने में असक्षम होता है।

मच्छरों के काटने से एचआईवी एड्स् ना फैलने का तीसरा कारण यह है कि जब ये मच्छर किसी व्यक्ति को काटते हैं तो इनके चोंच में बने ट्यूब्स के माध्यम से केवल सलाइवा यानी मच्छरों का लार हीं हमारे शरीर में इंजेक्ट पाता है। जिसकी वजह से केवल डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया आदि जैसे रोग हीं फैल सकते हैं। उनके द्वारा पिए हुए रक्त का संचार हमारे शरीर में नहीं होता।

इस सच्चाई को जानकर आप राहत की सांस ले सकते हैं। क्योंकि अगर मच्छरों के माध्यम से यह लाईलाज रोग फैल जाता, तो ऐसी स्थिति बहुत हीं भयावह हो जाती।

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सेहत

सुबह खाली पेट पानी पीने से क्या होता है, क्लिक कर जानें

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हेल्थ डेस्क। हमारी दैनिक दिनचर्या में पानी कितना महत्वपूर्ण है, इसका विस्तृत वर्णन आयुर्वेद में मिलता है। हमारे शरीर का लगभग 71 प्रतिशत भाग पानी से बना हुआ है। ऐसे में आप समझ ही सकते हैं कि शरीर में इसका संतुलन बनाए रखना कितना आवश्यक है। आयुर्वेद के नियमानुसार सुबह खाली पेट पानी पीना जल संतुलन बनाए रखने के लिए उत्तम माना गया है। केवल जल संतुलन के लिए ही नहीं बल्कि अन्य बहुत से कारणों से भी यह अनिवार्य है।आइये जानते है सुबह खाली पेट पानी पीने से क्या होते है उसके बारे में……

सुबह खाली पेट पानी पीने से होने वाले फायदे

सुबह उठते हैं खाली पेट पानी पीना आंत की सफाई के लिए अति आवश्यक है। इससे आंत में फंसे भोजन आसानी से साफ हो जाते हैं। आंत की सफाई के साथ-साथ विषाक्त पदार्थ भी शरीर से बाहर हो जाते हैं। साथ ही सुबह का ताजा लार, जिसे सर्वोत्तम सलाइवा एंजाइम माना जाता है, आमाशय में पहुंच जाता है, जो हमारी भूख बढ़ाने में मददगार होता है।

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सुबह सुबह खाली पेट पानी पीने से तीनों विकार वात, पित्त और कफ नियंत्रण में रहते हैं। जिस कारण रोगों के संक्रमण का खतरा बहुत कम हो जाता है। खाली पेट पानी पीने को एक नियम के तौर पर अपनाने से पाचन तंत्र की समस्याएं जैसे, कब्ज, गैस, एसिडिटी आदि दूर हो जाते हैं। साथ ही नित्यकर्म की अनियमितता भी दूर हो जाती है।



रात को सोने के पश्चात हमारा शरीर लंबे समय तक पानी से वंचित रह जाता है। ऐसे में सुबह खाली पेट पानी पीने से हमारा शरीर फिर से हाइड्रेट हो जाता है, जिस कारण हम दिनभर तरोताजा महसूस करते हैं।

शरीर के रस प्रक्रियाओं के संचालन को मेटाबोलिज्म कहते हैं। प्रात काल खाली पेट पानी पीने के प्रभाव से हमारा मेटाबोलिज्म सुचारू रूप से चलता रहता है। जिस कारण ब्लड सरकुलेशन में कोई भी परेशानी उत्पन्न नहीं होती। केवल इतना ही नहीं बल्कि इससे वजन कम करने में भी सहायता मिलती है।

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सुबह खाली पेट पानी पीने के फायदे तो आप जान हीं गए। लेकिन यह भी ध्यान रखें कि पानी हमेशा धीरे-धीरे पीना चाहिए। क्योंकि तेजी से पानी पीने से हमारा आमाशय चोटिल भी हो सकता है। साथ ही यह भी ध्यान रखें कि शुरुआती दिनों में थोड़ा थोड़ा ही पानी पीएं। फिर धीरे-धीरे आप इसकी मात्रा बढा कर एक लीटर तक सीमित कर सकते हैं।

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